उद्धव की वापसी

आधुनिक समय में चेतना की पुकार भारतीय चिंतन परंपरा में पुराणों को केवल मिथक मानना एक भूल होगी। वे प्रतीक हैं—समय, चेतना, संस्कृति और आत्मा के गहरे संवाद के। ऐसे ही एक संवाद का वाहक है ‘उद्धव प्रसंग’—जहाँ ज्ञान, प्रेम के सम्मुख सिर झुकाता है।यह प्रसंग केवल द्वापर युग की कथा नहीं, आज के युग … Continue reading उद्धव की वापसी