विद्यालय विलय: आंकड़ों का खेल या शिक्षा के भविष्य से खिलवाड़?

हाल ही में छोटे विद्यालयों को उनकी “कम छात्र संख्या” के आधार पर समीपवर्ती बड़े विद्यालयों में विलय करने का एक सरकारी आदेश जारी हुआ है। इस निर्णय को ‘शैक्षिक गुणवत्ता में सुधार’, ‘संसाधनों के समुचित उपयोग’ और ‘प्रति छात्र लागत में कमी’ जैसे तर्कों से उचित ठहराने का प्रयास किया जा रहा है। सतही … Continue reading विद्यालय विलय: आंकड़ों का खेल या शिक्षा के भविष्य से खिलवाड़?