वतन की आबरू हर हाल में बचानी है
वतन की आबरू हर हाल में बचानी है सियासी नफ़रतों की आग ये बुझानी हैख़ुलूस प्यार वफ़ा से ही जीत पानी है ये धर्म मज़हबों की जंग अब तो बंद करोहरेक शख़्स में इंसानियत जगानी है इरादे हमने ज़माने में कर दिये ज़ाहिरवतन की आबरू हर हाल में बचानी है सबक ये हमको बुजुर्गों से … Continue reading वतन की आबरू हर हाल में बचानी है
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