याद रह रह के कोई मुझको आता है बहुत

याद रह रह के कोई मुझको आता है बहुत     याद रह रह के कोई मुझको आता है बहुत! प्यार उसका मेरे दिल को तड़पाता है बहुत!   कह हवाओं से चरागों ने खुदकुशी कर ली, अज़ाब-ए-तीरगी आके अब डराता है बहुत!   टूटकर जिस को कभी मैंने चाहा था बहुत, नज़र से दूर … Continue reading याद रह रह के कोई मुझको आता है बहुत