ये मछलियां

ये मछलियां ! मछलियां अक्सर ज़िन्दा रह जाती हैंअपने गिल्स फड़फड़ाते,छिपा जाती है लिंब। स्त्री भी ज़िंदा रह जाती हैपलकें फड़फड़ाती अपने श्वसन तंत्र में।धरती को ही तो देख पाती है,अपने ही किसी चाँद में तैरते हुएऔरछिपा लेती है अपना स्त्री लिंग। अपने माथे की बिंदी को मानती है,मछलियों का चूमना।ये भी एक शगुन हैक्योंकि … Continue reading ये मछलियां