जिंदगी अपनों के संग
( Zindagi apno ke sang )
जिंदगी
अपनों के संग
नित नए सपनों के संग
नए अलबेले रंग
कभी खुशी
कभी गम
हर रोज एक जंग
ना हो तंग
ना दंग
प्रकृति सुनाती चंग
जीने का सीख सही ढंग
ले सब संबंध रिश्ते नाते संग
पी विश्व बंधुत्व की भंग
छोड़ दे सभी धपंग
लूट लुटा खुशियों के रंग
जी ले ओ मलंग
आया था रे तू नंग
जाएगा भी नंग
पल पल जी अपनों के संग

डाक्टर दीपक गोस्वामी मथुरा
उत्तरप्रदेश ,भारत
यह भी पढ़ें:-
Leave a Reply