Aarzoo ke Phool

आरज़ू के फूल | Aarzoo ke Phool

आरज़ू के फूल

( Aarzoo ke Phool )

बिखरे हैं मेरे दिल में तेरी आरज़ू के फूल
आकर समेट ले ये तेरी जुस्तजू के फूल।।

ख़ुशबू हमारे वस्ल की, फ़ैली है हर जगह
हर जा बिछे हुए हैं, यहाँ गुफ़्तुगू के फूल

महफूज़ रक्खे दिल में तेरी चाहतें जनाब
और याद जिसने बख़्शे ग़म-ए-सुर्ख़रू के फूल

दिल का सवाल इतना था क्या है नसीब में
दिल का जवाब ये की ग़म-ए-आबरू के फूल

नफ़रत को जिस किसी ने भी मज़हब बना लिया
सौग़ात में मिले हैं उसे बस लहू के फूल

ख़्वाहिश थी जिसकी ख़्वाब मुकम्मल भी हो गया
ख़्वाबों में हमने पाए वफ़ाओं की बू के फूल

ख़ारों के संग ज़ीस्त में मीना यूँ शाल पर
इक उम्र से बना रही हूँ मैं रफ़ू के फूल

Meena Bhatta

कवियत्री: मीना भट्ट सि‌द्धार्थ

( जबलपुर )

यह भी पढ़ें:-

Similar Posts

  • बेमानी | Bemani

    बेमानी ( Bemani )   हक़ीक़त दिलों की यहाँ किसने जानी है, गहराई जितनी उतनी उलझी कहानी है। अक्सर सूरत में छिप जाते है किरदार वरन हर मुस्कुराते चेहरे की आँख में पानी है। अपने ही किस्से में मशगूल रहे इस कदर एहसासों की अनकही बातें किसने जानी है। हरी हो टहनी तो सह लेती…

  • ग़ज़ल | Nayan ki Ghazal

    ग़ज़ल ( Ghazal )    ( काफ़िया ईर की बंदिश रदीफ़ ग़ज़लों में )   मुहब्बत की कभी रूठी रही तक़दीर गज़लों में किसी को मिल गई है ख़्वाब की ताबीर ग़ज़लों में। वही उम्दा सुखन है हो जहां पर शायरी गहरी बहर अर्कान पैमाना कि हो तहरीर ग़ज़लों में। लुटी जिसकी मुहब्बत पा रहा…

  • बहुत देखा | Bahut Dekha

    बहुत देखा ( Bahut Dekha ) भरी बज्म में उनको लाचार बहुत देखाबुझी आँखो में तड़पता प्यार बहुत देखा युँ तो हम भी हमेंशा रहे कायल उनकेबिना वजह के रहे शर्मसार बहुत देखा हमने कभी न देखा वादा खिलाफ होतेसामने आने में इंतजार बहुत देखा सामने सच ला न सकें झूठ बोला न गयामुहब्बत की…

  • तेरा शिद्दत से इंतिज़ार किया

    तेरा शिद्दत से इंतिज़ार किया उम्र भर बस ये रोज़गार कियातेरा शिद्दत से इंतिज़ार किया बेसबब ख़ुद को दाग़दार कियाजाने क्यों तेरा ऐतिबार किया ज़ीस्त में अब न लुत्फ़ है कोईक्या कहें घर को ही मज़ार किया क्यों न करते भी शुक्रिया उसकाजिसने मौसम को ख़ुशगवार किया ज़ख़्म खाये हज़ार थे हमनेमरहम-ए-वक़्त ने सुधार किया…

  • काश ऐसा कमाल हो जाए | Kaash Aisa Kamaal ho Jaye

    काश ऐसा कमाल हो जाए ( Kaash Aisa Kamaal ho Jaye ) काश ऐसा कमाल हो जाए। उससे फिर बोलचाल हो जाए। वो अगर हम ख़याल हो जाए। ज़िंदगी बेमिसाल हो जाए। देखले गर उसे नज़र भर कर। पानी-पानी हिलाल हो जाए। उसके होंठों पे लफ़्ज़े हां हो तो। ह़ल मिरा हर सवाल हो जाए।…

  • प्यार में | Pyar Mein

    प्यार में ( Pyar Mein )    प्यार में वो हुआ जुदा आज़म कर गया खूब दिल ख़फ़ा आज़म ग़ैर आँखें वो कर गया है आज वो रहा अब न आशना आज़म ज़हर मुझको मिला जफ़ा का ही प्यार की कब मिली दवा आज़म जुल्म सहता रहा मुहब्बत के कब वफ़ा में मिली वफ़ा आज़म…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *