गणेश जी महाराज
( Ganesh ji maharaj )
विघ्नहर्ता मंगलकारी विनायक आओ आनंद करो
गजानंद गौरी सुत प्यारे आकर प्रभु भंडार भरो
यश वैभव गुणों के दाता प्रथम पूज्य महाराज
जग की पीर हरो गौरी सुत सफल करो सब काज
रिद्धि सिद्धि लेकर आओ, आओ गजानंद प्यारा
हाथ जोड़कर खड़े प्रभु, सजा दरबार तुम्हारा
एकदंत शक्ति सुवन सिर पर धर दो हाथ प्रभु
सिद्ध करो कारज विनायक हर लो सब संताप प्रभु
आठों याम कृपा बरसाओ गजानंद महाराज
सच्चे मन से जो ध्याये प्रभु रखना सब की लाज
गौरी नंदन सुखदाता प्रभु देव खड़े जयकार करें
कैलाशपति पुत्र दुलारे कृपानिधि भंडार भरे
कीर्ति पताका नभ मे छाये सुख वैभव घर में आए
गजानंद का ध्यान धरे, सब कारज सिद्ध हो जाए
अष्टाविनायक हे लंबोदर मूषक हो असवार प्रभु
चमका दो भाग्य सितारे, खुशियों के अंबार प्रभु
झूम झूम कर नाचे गाए ले गणपति देवा पालकी
जय जयकार लगाते सारे मां पार्वती के लाल की

कवि : रमाकांत सोनी
नवलगढ़ जिला झुंझुनू
( राजस्थान )
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