अलौकिक प्रतिष्ठा

अलौकिक प्रतिष्ठा तुम शब्दों से परे हो,तुम्हें बयाँ करना मेरे लिए आसान नहीं।तुम्हारी सरलता में छिपा है गहराई का सागर,तुम्हारी मुस्कान में है दुनिया का उजाला। तुम वो हो, जो खुद को भूलकर,हर पल दूसरों के लिए जीता है।तुम्हारी सोच, सकारात्मकता का एक दर्पण है,जो हर अंधकार में रोशनी लाती है। तुम्हारे कंधों पर समाज … Continue reading अलौकिक प्रतिष्ठा