Extraordinary reputation

अलौकिक प्रतिष्ठा

अलौकिक प्रतिष्ठा

तुम शब्दों से परे हो,
तुम्हें बयाँ करना मेरे लिए आसान नहीं।
तुम्हारी सरलता में छिपा है गहराई का सागर,
तुम्हारी मुस्कान में है दुनिया का उजाला।

तुम वो हो, जो खुद को भूलकर,
हर पल दूसरों के लिए जीता है।
तुम्हारी सोच, सकारात्मकता का एक दर्पण है,
जो हर अंधकार में रोशनी लाती है।

तुम्हारे कंधों पर समाज की जिम्मेदारी है,
और तुम्हारे दिल में हर रिश्ते की समझदारी।
तुम्हारे शब्द नहीं, कर्म बोलते हैं,
तुम्हारी आँखों में सच्चाई झलकती है।

तुम्हारी उपस्थिति से ही महसूस होती है सुकून,
जैसे तपती धूप में ठंडी छांव।
तुमने जो किया, उसे कहना आसान नहीं,
तुमने जो दिया, उसका मोल लगाना नामुमकिन।

तुम मेरे लिए आदर्श हो,
हर सोच से परे, एक प्रेरणा।
मेरे आंसू तुम्हारे लिए गर्व हैं,
और मेरी मुस्कान, तुम्हारे होने की खुशी।

तुम्हारी अच्छाई एक अमर कहानी है,
जो हर दिल को प्रेरित कर जाती है।
तुम एक साधारण व्यक्ति नहीं,
तुम उस भावना का नाम हो, जो दुनियाँ बदल सकती है।

तुम्हें सम्मान देने के लिए शब्द नहीं,
तुम्हें महसूस करने के लिए हर सांस है।
तुम मेरे जीवन का वो हिस्सा हो,
जिसे हर पल संभालकर रखना चाहती हूँ।

कवयित्री : श्रीमती बसंती “दीपशिखा”
प्रतिष्ठित लेखिका, सामाजिक चिंतक
अध्यापिका एवम् विभागाध्यक्ष
हैदराबाद, वाराणसी, भारत।

यह भी पढ़ें :-

Similar Posts

  • चंद्रघंटा मां | Chandraghanta Maa

    चंद्रघंटा मां ( Chandraghanta Maa )    स्वर्णिम आभामयी मां चंद्रघंटा,अनंत सद्यः फलदायक शारदीय नवरात्र तृतीय बेला, शीर्षस्थ भक्ति शक्ति भाव । सर्वत्र दर्शित आध्यात्म ओज, जीवन आरूढ़ धर्म निष्ठा नाव । चंद्रघंटा रूप धर मां भवानी, शांति समग्र कल्याण प्रदायक । स्वर्णिम आभामयी मां चंद्रघंटा,अनंत सद्यः फलदायक ।। साधक पुनीत अंतर्मन आज, मणिपूर चक्र…

  • आँचल | Aanchal

    आँचल ( Aanchal )   माँ तेरा आँचल सदा, देता शिशु को छाँव। मैल झाड़ती तू सदा, सर से लेकर पाँव।। पाऊं मैं सुख स्वर्ग सा, सोऊं आँचल ओढ़। ठुकराए जो मात को, खुशियां ले मुख मोड़।। गृह लक्ष्मी मातु बिना, सूना घर परिवार। आये विपदा लाल पर, देती सब कुछ वार।। बीच सफ़र चलते…

  • मेरे जीवन में ये शिक्षक | Kavita on Teacher

    मेरे जीवन में ये शिक्षक ( Mere jeevan mein ye shikshak )    दीपक की ज्योति बना, अंधकार में रोशनी बना, मार्ग का मार्गदर्शन दिया, बुद्धि का जिसने विकास किया, कलम से जिसने लिखना सिखाया, शब्दों का सही अर्थ बतलाया, टूटे धागों से माला के मोती पिरोना, मुश्किलों में भी धैर्य नहीं खोना, खुद पर…

  • श्री रतन टाटा जी को श्रध्दांजलि

    श्री रतन टाटा जी को श्रध्दांजलि देखो लोग कलयुग से आजसतयुग पुरुष की विदाई हो गई।जो जीता और मरता थाबस भारत देश के लिए।जिसने पिन और नामक से लेकरहवाई जहाज तक बनाकर दिखाया।ऐसे महान पुरुष श्री रतन कोश्रध्दा सुमन अर्पित करता हूँ।। जीवन का उनका जो लक्ष्य थाउसको उन्होंने सदा पूरा किया।मानवता की ह्रदय पर…

  • पगड़ी | Pagdi par Kavita

    पगड़ी ( Pagdi )    आन बान शान है पगड़ी स्वाभिमान पगड़ी है। लहरिया की तान पगड़ी दीन ईमान पगड़ी है। आदमी यश इज्जत पगड़ी राजाओं की शान है। मर्यादा मान और प्रतिष्ठा घट घट में हिंदुस्तान है। भामाशाह की जान पगड़ी योद्धाओं का मान है। रणभूमि कूद पड़े जो रणधीरों का गुणगान है। वैभव…

  • आन बान शान हिंदी | Aan Baan Shaan Hindi

    आन बान शान हिंदी ( Aan baan shaan Hindi )    आन बान शान हिंदी, देश की पहचान हिंदी। गीत बन गूंजे धरा पे, देशभक्ति का गान हिंदी। महकती बयार हिंदी, शील गुण आचार हिंदी। संस्कारों की गरिमा, अपनापन और प्यार हिंदी। काव्य का श्रृंगार हिंदी, लेखों का आधार हिंदी। सृजन को संजोए रखती, कृतियां…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *