Ghazal | बात सब मानी तुम्हारी हमने

बात सब मानी तुम्हारी हमने ( Baat Sab Mani Tumhari Hamne )   गुलों से जबसे की यारी हमनें। रात रो रो कर गुजारी हमने।। मुझको  ठुकराकर  जाने  वाले, बात सब मानी तुम्हारी हमने।। बावफा रह के क्या मिला मुझको, मौत  की कर ली तैयारी हमने।। दिल की बाजी भी लगाकर देखा, हार  झेली  है  … Continue reading Ghazal | बात सब मानी तुम्हारी हमने