बेवफ़ाई किसलिए | Bewafai Shayari
बेवफ़ाई किसलिए ( Bewafai kis Liye ) बेवज़ह ये बेवफ़ाई किसलिए इश्क़ की शम्मा बुझाई किसलिए। दिल हमारा कैद में जब रख लिया दे रहे हो फ़िर रिहाई किसलिए। जानते हैं असलियत हम आपकी हमसे आख़िर पारसाई किसलिए। हिज़्र ही हासिल फ़कत इसमें हुआ कर रहे हम आशनाई किसलिए। याख़ुदा बेख़ौफ़ हैं मुजरिम यहां … Continue reading बेवफ़ाई किसलिए | Bewafai Shayari
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