ढलने लगी धीरे-धीरे जवानी ढलने लगी धीरे-धीरे जवानीबदलने लगी धीरे-धीरे कहानीभरोसा दिलों का अब घटने लगापिघलने लगी धीरे-धीरे रवानी।। बुढ़ापा बदन पर छाने लगाचांद सा चेहरा मुरझाने लगाचेहरे पर दिखती नही कोई रौनकसचमुच बुढ़ापा अब आने लगा।। वो मौसम दिखे ना फिजाएं दिखेहरी भरी दिलकश हवाएं दिखेदिखता नहीं है जुनून दिल में कोईनजरों में अब … Continue reading ढलने लगी धीरे-धीरे जवानी
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