डॉ. चंद्र दत्त शर्मा की कविताएं | Dr. Chander Datt  Sharma Poetry

रक्तदान – रागनी तरज मानी नी माई मुंडेर… रक्तदान तै बड़ा दान ना, सबने न्यूं समझा दयो।18 वर्ष की उम्र हुवे जब परोपकार मैं ला दयो ।।भाइयों रै, सजनों रै…. भाइयों रै, सजनों रै….। आदमी का दुनिया मैं ना सदा एक-सा बख्त होवैघायल हो या कोए बीमारी संजीवनी यू रक्त होवैबख्त होवै जब काम आण … Continue reading डॉ. चंद्र दत्त शर्मा की कविताएं | Dr. Chander Datt  Sharma Poetry