कविता गऊ | Gau mata par kavita

कविता गऊ gau mata par kavita   चीतो के आने से होता अगर विकास ll गायो के मरने पर उड़ता नही परिहास ll पूजते थे गाय को भूल गए इतिहास ll गोशाला मे ही अब भक्ष रहे गोमांस ll महंगाई के कारण मिलत नही है दानll भूखी गाय घूमती द्वारे द्वारे छान् ll रोटी देने … Continue reading कविता गऊ | Gau mata par kavita