गैरों में तुम अपने लगते हो | Geet Tum Apne Lagte ho

गैरों में तुम अपने लगते हो ( Gairon mein tum apne lagte ho )    मनमोहक चितचोर कहूं, मस्त सुरीले सपने लगते हो। दिल के जुड़े तार प्रेम के, गैरों में तुम अपने लगते हो। गैरों में तुम अपने लगते हो प्रेम सद्भावों की नेहधारा, मीठे मीठे बोल मधुर से। मोहक मुस्कान लबों की, झरते … Continue reading गैरों में तुम अपने लगते हो | Geet Tum Apne Lagte ho