मुहब्बत हो गई | Ghazal Muhabbat Ho Gayee

मुहब्बत हो गई ( Muhabbat Ho Gayee ) मुहब्बत हो गई तो क्या बुरा है मुहब्बत ही ज़मानें में ख़ुदा है कभी मिलकर नहीं होना जुदा है मेरे मासूम दिल की यह दुआ है तुम्हारे प्यार में पीछे पड़ा है करो अब माफ़ भी जिद पर अड़ा है ज़माना इस तरह दुश्मन हुआ यह सभी … Continue reading मुहब्बत हो गई | Ghazal Muhabbat Ho Gayee