Ghazal | जब हुआ तीरे-नज़र का वार दिल पर

जब हुआ तीरे-नज़र का वार दिल पर ( Jab Hua Teer -E- Nazer Ka Vaar Dil Par )   जब हुआ तीरे-नज़र का वार दिल पर। चोट हमको है लगी दमदार दिल पर।। दर्द  में  भी  आने  लगता है मजा तब। वो असर कर देता है ये प्यार दिल पर।। उठ  गया  अपना  भरोसा प्यार … Continue reading Ghazal | जब हुआ तीरे-नज़र का वार दिल पर