जागते रहो | Jagte Raho

जागते रहो ( Jagte raho )    ये जागने के दिन हैं जागते रहो… दिन रात भागते रहो ठहरो न पल भर के लिए भी क्या पता उस पल ही कोई कर जाए छल संग तेरे डाल दे डेरा अपना घर तेरे! देख रहे हो देश दुनिया में क्या क्या हो रहा है? मनुज बन … Continue reading जागते रहो | Jagte Raho