जवानी | Jawani Shayari

 जवानी (  Jawani )    छीन न ले डरता हूँ फिर से होश जवानी जगा रही है दिल में फिर से जोश जवानी बात करो फूलों ,तितली,परबत नदिया से अच्छी नहीं लगती है ये ख़ामोश जवानी महबूबा ने वस्ल का वादा अगर किया हो बन जाती है फिर तो ये ख़रगोश जवानी लाखों काँटे हैं … Continue reading जवानी | Jawani Shayari