‘सन्तुष्टि’

2 साल बाद एक दिन राजेंद्र ने अपने मित्र एवं पूर्व शिक्षक साथी संतोष को कॉल की और उनसे पूछा- “संतोष भाई, कैसे हाल-चाल है? घर परिवार में सब ठीक है?” “सब बढ़िया है राजेन्द्र भाई। तुम सुनाओ।” संतोष ने कहा। “हमारे यहाँ भी घर परिवार में सब ठीक हैं भैया। तुमसे बात किये हुए … Continue reading ‘सन्तुष्टि’