कर्म

कर्म राहें चाहे जितनी कठिन हों,मैं चलना जानता हूँ,तेरे साथ की उम्मीद में,मैं हर मंजिल पाना जानता हूँ। कर्म ही मेरा साथी है,पर तेरी याद भी संजीवनी है,हर कदम पर तुझे पाने की आशा,मेरे सम्पूर्ण जीवन की कथनी है। मेरे सपनों में बस तू है,पर मेहनत से है मिलन का रास्ता,क्योंकि कर्म के बिना अधूरा … Continue reading कर्म