कश्मीर | Kashmir par Ghazal

कश्मीर ( Kashmir )   कश्मीर में खिले उल्फ़त के फूल है होंगे नहीं नफ़रत के अब बबूल है तू भूल जा बातें करनी कश्मीर की हर हाथ में अदू वरना त्रिशुल है सच बोलता नहीं है एक बात भी हर बात वो करें दुश्मन फ़िजूल है तू भूल जा रस्ता दुश्मन कश्मीर का तेरे … Continue reading कश्मीर | Kashmir par Ghazal