अधूरापन | Kavita Adhurapan

अधूरापन ( Adhurapan )   कर लो कितनी है पूजा अर्चना नहा लो भले गंगाजल से सोच मगर मैली ही रही रहोगे दूर ही तुम कल के फल से से परिधान की चमक से व्यवहार में चमक आती नहीं कलुषित विचारों के साथ कभी बात सही समझ आती नहीं पढ़ना लिखना सब व्यर्थ है भर … Continue reading अधूरापन | Kavita Adhurapan