Kavita Kagaz ki Kashti | कागज की कश्ती

कागज की कश्ती ( Kagaz ki kashti )   कागज की कश्ती होती नन्हे  हाथों  में  पतवार कौन दिशा में जाना हमको जाने वो करतार आस्था विश्वास मन में जाना  है  उस  पार बालपन का भोलापन क्या जाने संसार   भाव भरी उमंगे बहती नन्हे  बाल  हृदय  में चंचल मन हिलोरे लेता बालक के तन … Continue reading Kavita Kagaz ki Kashti | कागज की कश्ती