ये बारिशें | Kavita Ye Baarishein
ये बारिशें ( Ye Baarishein ) ये बारिशें धो रही हैं मैल अम्बर के मन का ये बारिशें भिगो रही हैं अंतस प्यासी धरा का ये बारिशें बदलने आईं हैं मौसमों के गर्म मिज़ाज ये बारिशें सुनाने आईं हैं फिज़ाओं को दिल का हाल ये बारिशें दिलों को ले चलीं हैं उन्माद की ओर कहीं … Continue reading ये बारिशें | Kavita Ye Baarishein
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