ये बारिशें

ये बारिशें | Kavita Ye Baarishein

ये बारिशें

( Ye Baarishein )

ये बारिशें धो रही हैं मैल अम्बर के मन का
ये बारिशें भिगो रही हैं अंतस प्यासी धरा का

ये बारिशें बदलने आईं हैं मौसमों के गर्म मिज़ाज
ये बारिशें सुनाने आईं हैं फिज़ाओं को दिल का हाल

ये बारिशें दिलों को ले चलीं हैं उन्माद की ओर कहीं
ये बारिशें कर रहीं हैं मन में मीठा सा गदगद शोर कहीं

ये बारिशें ले चली हैं मन की उड़ान को सुदूर कहीं
ये बारिशें बूंदों में गिरा रही मोतियों का सा नूर कहीं

ये बारिशें तरंगित कर रही कंठ में सुरों की तान को
ये बारिशें आनंदित कर रही पैरों की झंकृत थाप को

ये बारिशें अपनी खुशबू को डुबोने लगीं हैं हर शै में
ये बारिशें अपने सरुर से समाने लगी हैं हर रुह में

ये बारिशें छेड़ रहीं हैं मन में राग मल्हार के
ये बारिशें जगा रही हैं ह्रदय में भाव अनुराग के

ये बारिशें कर रहीं हैं बारिशें प्रेम की, उल्लास की
ये बारिशें कर रहीं हैं बारिशें आस की, मधुमास की

Sikha  Khurana

शिखा खुराना

यह भी पढ़ें :-

सताता है बहुत | Ghazal Satata hai Bahot

Similar Posts

  • कुदरत की आवाज | Kavita Kudrat ki Aawaj

    कुदरत की आवाज ! ( Kudrat ki aawaj )   कुदरत से छल करके कहाँ जाओगे, बहाया उसका आँसू तो बच पाओगे? कुदरत का सिर कुचलना मुनासिब नहीं, बचाओगे उसको तो दुआ पाओगे। जोशीमठ में जो मची है हाय – तौबा, क्या फजाओं को फिर से हँसा पाओगे? काटा पहाड़, बनाई हाट, सुरंग,सड़क, क्या फिर…

  • पीएम जन संवाद | PM Jan Samvad

    पीएम जन संवाद ( PM Jan Samvad )   पीएम जन संवाद,खुशियों का नया सवेरा हिंद प्रधानमंत्री प्रेरक व्यक्तित्व, वंदन संपूर्ण राष्ट्र एक परिवार । सरकारी योजना धरातल अवबोध, लाभार्थी परितोष साझा विचार । शासन प्रशासन सक्रिय भागिता, लोकतंत्र मुस्कान भाव चितेरा । पीएम जन संवाद,खुशियों का नया सवेरा ।। उज्जवला योजना अभिरक्षित, हर गृहणी…

  • हरितालिका तीज | Haritalika Teej Kavita

    हरितालिका तीज ( Haritaalika teej ) ( 2 ) पावन पर्व~ हरितालिका तीज छाया है हर्ष • कर श्रृंगार~ शिव पूजन को है गौरी तैयार • बिंदी चमके~ पायल छम-छम चूड़ी खनके • हाथ छूटे ना~ निर्जला निराहार रिश्ता टूटे ना • शुद्ध भावना~ अमर हो सुहाग यही कामना • निर्मल जैन ‘नीर’ ऋषभदेव/राजस्थान (…

  • संगीत जीवन की मुस्कान | Sangeet jeevan ki muskan | Hindi chhand

    संगीत जीवन की मुस्कान ( Sangeet jeevan ki muskan ) जलहरण घनाक्षरी   वीणा की झंकार बजे, मधुर लगे संगीत। जीवन की मुस्कान है, सरगम संगीत का।   सुर लय तान प्यारी, मोहन धुन सुहानी। दिल को लुभाता प्यारा, मीठा तराना गीत का।   मन को खुशी देता है, आनंद से भर देता। महफिल महकाये,…

  • कृत्रिम बुद्धिमत्ता | Kritrim Buddhimatta

    कृत्रिम बुद्धिमत्ता ( Kritrim buddhimatta )  जानें कृत्रिम बुद्धिमता का यथार्थ वर्तमान विज्ञान प्रगति प्रयास, मनुज दिव्यता प्रतिस्थापन । यंत्रवत परिवर्तन उपमा, तीव्रता शुद्धता कार्य संपादन । लघु काल लाभ आधिक्य, सकारात्मक प्रयोग मानव हितार्थ । जानें कृत्रिम बुद्धिमता का यथार्थ ।। जॉन मैकार्थी प्रतिपादक , उन्नीस सौ छप्पन अमेरिका । स्वदेश प्रणेता राज रेड्डी,…

  • धीरे धीरे | Dheere Dheere

    धीरे धीरे ( Dheere dheere )    होता है प्यार ,मगर धीरे धीरे उठती है नजर,मगर धीरे धीरे चढ़ता है खुमार,मगर धीरे धीरे होता है इजहार,मगर धीरे धीरे…. खिलती है कली,मगर धीरे धीरे आते हैं भंवरे ,मगर धीरे धीरे होती है बेकरारी ,मगर धीरे धीरे बढ़ता है इंतजार ,मगर धीरे धीरे…. लरजते हैं होठ,मगर धीरे…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *