मै सीता की माता | Main Sita ki Mata
मै सीता की माता ( Main sita ki mata ) क्यों त्यागे हे राम सिया को, लोकलाज को ताका। क्या मर्यादा छली नही जब, वन वन भटकी वामा। गर्भधारिणी इक अबला के, त्याग में क्या मर्यादा, मुझे बताओ हे रघुनन्दन, दो मत मुझको झाँसा। प्राण जाए पर वचन ना जाए, रघुकुल की मर्यादा। मुझे बताओ … Continue reading मै सीता की माता | Main Sita ki Mata
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