मन वृंदावन हो जाए | Man Vrindavan ho Jaye

मन वृंदावन हो जाए ( Man vrindavan ho jaye )   जब जब बजे बांसुरी मोहन, मन वृंदावन हो जाए। मुरली की धुन पर कान्हा, झूम झूमकर मन गाए। मन वृंदावन हो जाए अधर मुरलिया मुरलीधर, मनमोहन मन को मोहे। सांवरी सूरत तेरी सांवरिया, पीतांबर तन पर सोहे। राधा संग श्याम पधारे, मधुबन महक महक … Continue reading मन वृंदावन हो जाए | Man Vrindavan ho Jaye