मनमोहन | Manmohan

मनमोहन मन को जिसने मोहाजिसकी कार्य रही महान,माॅं भारती की तुम संतानहे मनमोहन तुम्हें बारम्बार प्रणाम। अर्थशास्त्र के डॉक्टर बनेआरबीआई का गवर्नर,भारत सरकार में वित्त मंत्री बनेप्रधानमंत्री भी रहे डट कर। अयोग्यता नहीं तुम्हारे अंदरनहीं रहा कोई दोष व्यक्तिगत,कोयले की खान में बने रहे हिराचमकते रहे जिवन पर्यंत। थे दूरदर्शी तुम्हारी योजनाओं नेजन का कल्याण … Continue reading मनमोहन | Manmohan