मेरी सुबह मेरी शाम | Meri Subah meri Shaam

मेरी सुबह मेरी शाम ( Meri subah meri shaam )   मेरी सुबह भी तुम मेरी शाम हो मेरे चेहरे की हर मुस्कान हो कुदरत भी ठहर जाए जिसे देखकर बारिशों में भीगी तुम ऐसी शाम हो मेरी सुबह भी तुम मेरी शाम हो इतरा रहे हैं बाग जिन फूलों को देखकर उन फूलों की … Continue reading मेरी सुबह मेरी शाम | Meri Subah meri Shaam