मोहन तिवारी की कविताएं | Mohan Tiwari Poetry
आप अकेले नहीं यूँ तो, कल एक अनुमान ही है केवलनिर्भर है आज के दौर की बुनियाद परमाना आज सा अनमोल कुछ नहीं यहाँआज की नींव पर ही आज और कल है अतीत में ही छिपी प्रेरणा है कल कीकिंतु, वर्तमान में अनुसरण जरूरी हैराह तो बनानी होती है स्वयं को हीबढ़ता नहीं वो जिसमें … Continue reading मोहन तिवारी की कविताएं | Mohan Tiwari Poetry
Copy and paste this URL into your WordPress site to embed
Copy and paste this code into your site to embed