नेह शब्द नहीप्रसंग का विषय नहीयह दृष्टिगोचर नही होतायह कहा भी नही जातायह सिर्फ और सिर्फअनुभूत करने का माध्यम हैयह अन्तरतम मेंउठा ज्वार हैनितान्त गहराजिसमें केवल समाहित होना हैउसके बाद फिर होश ही कहाँ रहता हैयह एक ऐसा आल्हाद हैजिसको शब्दातीत, वर्णातीतनही किया जा सकता।यह शब्दों के बंधनों में नहीं बंधतासिर्फ अनुभूत किया जा सकता … Continue reading नेह शब्द नही | Neh Shabd Nahi
Copy and paste this URL into your WordPress site to embed
Copy and paste this code into your site to embed