परवरदिगार दे तासीरे-इश्क़ इतनी तो परवरदिगार देदेखे मुझे तो अपनी वो बाँहें पसार दे यह ज़ीस्त मेरे साथ ख़ुशी से गुज़ार देइस ग़म से मेहरबान मुझे तू उबार दे मुद्दत से तेरे प्यार की ख़्वाहिश में जी रहायह जांनिसार तुझ पे बता क्या निसार दे इतनी भी बे नियाज़ी मुनासिब नहीं कहींजो चाहता है वो … Continue reading परवरदिगार दे
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