एहसास तेरा प्यारा | Poem Ehsaas Tera Pyar

एहसास तेरा प्यारा ( Ehsaas Tera Pyar )   जाने क्यों दिल को लगता, एहसास तेरा प्यारा। बज उठते तार दिल के, बोले मन का इकतारा। क्यों ख्वाबों में चेहरा ये, मुस्कानों के मोती सा। नैनों में झलक आता, विश्वास दिव्य ज्योति सा। सुर संगीत की तुम मधुर, दिव्य धारा लगती हो। छेड़े वीणा के … Continue reading एहसास तेरा प्यारा | Poem Ehsaas Tera Pyar