रजनी गुप्ता ‘पूनम चंद्रिका’ की रचनाएँ

शायद नींद आ जाए दिया उल्फ़त का जल जाए तो शायद नींद आ जाएकसक दिल की निकल जाए तो शायद नींद आ जाए ज़रा-सा पास आओ तुम यही है क़ल्ब का अरमाँघड़ी भर यह बहल जाए तो शायद नींद आ जाए तुम्हारे दिल में ही हमदम कभी अपनी मुहब्बत काअगर इक खिल कमल जाए तो … Continue reading रजनी गुप्ता ‘पूनम चंद्रिका’ की रचनाएँ