जय श्री राम ( दोहे )

जय श्री राम ( दोहे ) जनमे जिस क्षण महल में, कौशल्या ने लाल।गूंजी घर -घर में तभी, ढोल मँजीरा ताल ।। पिता वचन की राम ने , रखी सहज ही लाज |ठुकराया संकोच बिन , अवधपुरी का राज ।। पीछे पीछे चल दिये ,जहाँ चले प्रभुराम।।सीता लक्ष्मण साथ में, छोड़ अवध का धाम । … Continue reading जय श्री राम ( दोहे )