रामकेश एम. यादव की कविताएं | Ramkesh M. Yadav Hindi Poetry
प्रेमिका क्या हुआ है इनको मुझे चाहने लगे हैं,मेरा मयकशी बदन ये निहारने लगे हैं। प्रेमी:-ख़ाक होने से मुझको बचा लीजिए……….. खता मेरी क्या है, बता दीजिये,नजर लड़ गई है, सजा दीजिये।खता मेरी क्या है, बता दीजिये……… धड़कती हो सीने में मैं क्या करूँ,छलकती हो दिल में, मैं क्या करूँ।आँखों से तीर ये, चला दीजिये,नजर … Continue reading रामकेश एम. यादव की कविताएं | Ramkesh M. Yadav Hindi Poetry
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