श्रुत स्तुति | सरस्वती वंदना

श्रुत स्तुति ( सरस्वती वंदना ) वीतरागी सर्वज्ञ और हितोपदेशी जो तीर्थंकर हैं,अष्ट कर्मों और अठारह दोषों से रहित जिनेश्वर हैं,अनंत चतुष्टय के धारी हैं अनंत कैवल्य ज्ञानी हैं,ऐसे त्रिकालदर्शी जिनमुख से झरती वाणी श्रेयस्कर है!! सरस्वती कहो या श्रुतमाता एक दूजे के पर्याय कहाएं,जैन धर्म में देव शास्त्र गुरु भव्य जनों को मोक्षमार्ग दिखाएं … Continue reading श्रुत स्तुति | सरस्वती वंदना