Tag: नये रंग भरने वाला था

  • नये रंग भरने वाला था | Ghazal Naye Rang

    नये रंग भरने वाला था ( Naye Rang Bharne Wala Tha ) हमारा जाम मुहब्बत से भरने वाला था कोई उमीद की हद से गुज़रने वाला था जवाब उस से मुहब्बत का किस तरह मिलता वो गुफ़्तगू भी सवालों में करने वाला था ये एक बात ही ज़ाहिर है उसकी आंँखों से ज़रा सी देर…