Tag: Jab bhi chahega tu rulayega

  • जब भी चाहेगा तू रूलायेगा | Ghazal

    जब भी चाहेगा तू रूलायेगा ( Jab bhi chahega tu rulayega )   इससे ज्यादा भी क्या सतायेगा, जब  भी  चाहेगा  तू रुलायेगा।। शुकून हवा का इक झोंका है, अभी  आया  है चला जायेगा।। नज़र  मिलाके जरा बात करो, मामला तब समझ में आयेगा।। एक मुद्दत से मैं सोया ही नहीं अपनी बाहों में कब…