एक तरफा प्यार है जिसके दिल में एक तरफा प्यार है अश्क आंखों में ही उसकी यार है जख़्म इतनें है मिले रूह तक कर गया वो जिंदगी को आजार है ख़्वाब टूटे है आंखों से ऐसे कल नींद से आंखें मेरी बेदार है प्यार की बातें न थी लब…
घड़ी ( Ghadi ) टिक टिक टिक कर यह घड़ी बोलती इसके भीतर अलग-अलग तीन छड़ी घूमतीं सेकेंड, मिनट, घंटे से जो समय तोलतीं टिक टिक टिक कर यह घड़ी बोलती । बच्चों झटपट हो जाओ तुम सब तैयार मात-पिता, बड़ों को करो नमस्कार जल्दी पहुँचो स्कूल-तुमसे ये घड़ी बोलती शिक्षा ही सबकी उन्नति…
हाल-ए-दिल का मत पूछ मेरे यार ( Hal-e-dil ka mat poochh mere yar ) सीने पे देखु तो दर्द का खबर लगता है मेरे ज़ख्म-ए-दिल लोगो को तमाशा का नगर लगता है अब बसेरा कर चूका हूँ बीरान शहर में जहाँ कहीं यहाँ अपना ही घर लगता है हाल-ए-दिल का मत पूछ…
उम्मीद ( Ummeed ) चले आओ कशक तुममे अगर, थोडी भी बाकी है। मैं रस्ता देखती रहती मगर, उम्मीद आधी है। बडा मुश्किल सा लगता है,तेरे बिन जीना अब मुझको, अगर तुम ना मिले हुंकार तो ये, जान जानी है। बनी मै प्रेमिका किस्मत में तेरे, और कोई है। मै राधा …
हाँ जीस्त ख़ुशी से ही रब आबाद नहीं करता हाँ जीस्त ख़ुशी से ही रब आबाद नहीं करता हर रोज़ ख़ुदा से फ़िर फ़रयाद नहीं करता हाँ शहर में होते कितने क़त्ल न जाने फ़िर इक मासूम को वो जो आजाद नहीं करता मैं पेश नहीं आता फ़िर उससे अदावत से…
नहीं कोई शहर में आशना यहां मेरा ( Nahin koi shahar mein aashna yahan mera ) नहीं कोई शहर में आशना यहां मेरा ! हाले दिल ये कौन जो पूछता यहां मेरा कि सोचता हूँ नगर छोड़ दूँ इसलिए मैं नहीं कोई तन्हाई के सिवा यहां मेरा उदास पन इसलिए भर…