Tag: Mazdoor ki kavita

  • हम मजबूर हैं | Mazdooron ki vyatha par kavita

    हम मजबूर हैं | Mazdooron ki vyatha par kavita

     हम मजबूर हैं   ( Hum majboor hai )     साहब! हम मजदूर हैं इसीलिए तो मजबूर हैं सिर पर बोझा रख कर खाली पेट,पानी पीकर हजारों मील घर से दूर गोद में बच्चों को लेकर अनजान राहों पर चलने को।   बेबस हैं हम,लाचार हैं हम आए थे काम की तलाश में पर,इस #Lockdown में न…