हम मजबूर हैं

हम मजबूर हैं | Mazdooron ki vyatha par kavita

 हम मजबूर हैं  

( Hum majboor hai )

 

 

साहब! हम मजदूर हैं
इसीलिए तो मजबूर हैं
सिर पर बोझा रख कर
खाली पेट,पानी पीकर
हजारों मील घर से दूर
गोद में बच्चों को लेकर
अनजान राहों पर चलने को।

 

बेबस हैं हम,लाचार हैं हम
आए थे काम की तलाश में
पर,इस #Lockdown में
न घर के रहे,न बाहर के
बीच में फ़ँस कर रह गए
पैदल ही चलना पड़ा
सोच कर एक दिन
पहुंच ही जाएंगे अपने घर।।

 

लम्बा है रस्ता, चलते जाना है
अपने बच्चों की खातिर
भूखे-प्यासे और बदहाल
सो जाते हैं थक कर
रेल की पटरी या फुटपाथ
या सड़क के किनारे पर
बेसुध होकर।

लेखक :सन्दीप चौबारा
( फतेहाबाद)
यह भी पढ़ें :-

मदर्स डे कविता | Mother’s day kavita

Similar Posts

  • बाल मजदूरी बचपन छीने | Baal mazdoori kavita

    बाल मजदूरी बचपन छीने ( Baal mazdoori bachpan cheene )     सीधे-साधे बच्चों का भगवान रखवाला होता है बालश्रम करवाते उनका निकले दीवाला होता है बच्चों का भविष्य उजाड़े उनको कैसे माफ करें कानून की नजरों में वो तो सलाखों वाला होता है   दुष्ट प्रवृत्ति होते हैं वो लोग जो बालश्रम करवाते भोले…

  • काव्य कलश | Kavya Kalash Kavita

    काव्य कलश ( Kavya Kalash )   अनकहे अल्फाज मेरे कुछ बात कुछ जज्बात काव्य धारा बहे अविरल काव्य सरिता दिन रात काव्यांकुर नित नूतन सृजन कलमकार सब करते साहित्य रचना रचकर कवि काव्य कलश भरते कविता दर्पण में काव्य मधुरम साहित्य झलकता साहित्य सौरभ से कविता का शब्द शब्द महकता आखर आखर मोती बनकर…

  • शिव महिमा | Shiv Mahima Par Kavita

    शिव महिमा  ( Shiv Mahima Par Kavita )   हिम शिखरों से भोले के, जयकारे आते है, शंख और डमरू मिलकर, शिव कीर्तन गाते हैं।   शिव ही गगन धरा भी शिव ही, हमें बताते है, गान संग है गीत भी शिव, हम महिमा गाते हैं।   पंचतत्व निर्मित शिव से, शिव रूप दिखाते है,…

  • खंडहर | Hindi kavita Khandhar

    खंडहर ( Khandhar )     खड़ा खंडहर कह रहा महलों की वो रवानिया शौर्य पराक्रम ओज भरी कीर्तिमान कहानियां   कालचक्र के चक्रव्यूह में वर्तमान जब जाता है बस यादें रह जाती है अतीत बन रह जाता है   उसे ऊंचे महल अटारी खड़ी इमारते भारी भारी समय के थपेड़े खाकर ढह जाती बुनियादें…

  • बढ़े सौरभ प्रज्ञान | Badhe Saurabh Pragyan

    बढ़े सौरभ प्रज्ञान ( Badhe Saurabh Pragyan ) जन्मदिन की बधाइयाँ, करें पुत्र स्वीकार।है सबकी शुभकामना, खुशियाँ मिले हजार।। बहुत-बहुत शुभकामना, तुमको प्रियवर आज।हो प्रशस्त जीवन सुखद, सुन्दर साज समाज।। जीवन भर मिलती रहें, खुशियाँ सदा अपार।मात शारदे! आपके, भरें ज्ञान भण्डार।। शुभ सरिता बहती रहे, जीवन हो सत्संग।घर आँगन खिलते रहें, प्रेम प्रीति के…

  • अक्षय तृतीया का महत्व | Akshaya Tritiya ka Mahatva

    अक्षय तृतीया का महत्व ( Tritiya ka Mahatva )   अक्षय तृतीया का शुभ दिन, शुरू होते सब काज। वैशाख मास की शुक्ल पक्ष, तिथि तृतीय आज। ब्रह्मपुत्र अक्षय का जन्म, हुआ तिथि थी आज। परशुराम के शुभावतरण से, धरा बना बिना राजा। मां गंगा धरती पर आई, अन्नपूर्णा का अवतरण। खजाना मिला कुबेर को,…

2 Comments

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *