Tag: Pyar bhari kavita in Hindi

  • कमल पुष्प पल्लवित हो | Pyar bhari kavita in Hindi

    कमल पुष्प पल्लवित हो ( Kamal pushp pallavit ho )    मंद पवन का सरगम हो जल की सतह स्थिर हो खामोशी का आलम हो जल के अंदर हलचल हो पंछियों का कलरव हो भागी भागी जिंदगी से दो पल तेरा साथ हो ना मैं बोलूं ना तू बोले चट्टानों पर बैठ कभी प्रकृति का…