Tag: Rubaiyat of Kumar Ahmadabadi

  • कुमार अहमदाबादी की रुबाइयाँ | Rubaiyat of Kumar Ahmadabadi

    आवाज़ सर्वोत्तम मीठी औ’ प्यारी आवाज़ममता में डूबी दीवानी आवाज़कर देती है तन मन को शांत सुखीमाँ की पीयूषी लोरी की आवाज़ आज थोडा सा मन को बहलाने दे आजसूखे पुष्पों को महकाने दे आजबरसों से जिन्हें छेड़ा नहीं है उनरिसते घावों को सहलाने दे आज सूरज गंगा सूरज गंगा चांद सितारे देखेनवरस से भरपूर…