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  • सशक्त बनो हे नारी तुम | Kavita

    सशक्त बनो हे नारी तुम ( Sashakt bano he nari tum )   उठो नारी आंसू पौंछो खुद की कीमत पहचानो लाज का घूंघट ढाल बना लो अहंकार का तिलक लगा लो स्वाभिमान की तान के चादर खुद में खुद को सुदृढ बना लो उठो नारी आंसू पौंछो खुद की कीमत पहचानो ?☘️ अपनी शक्ति…