Tag: Waqt poem in Hindi

  • वक्त नहीं लोगों के दामन में | Waqt poem in Hindi

    वक्त नहीं लोगों के दामन में ( Waqt nahi logon ke daman mein )     वक्त नहीं लोगों के दामन में, भागमभाग है सारी। महंगाई ने पैर पसारे, डरा रही हमें नित महामारी।   चकाचौंध दिखावा ज्यादा, वादे प्रलोभन सरकारी‌। आटा दाल आसमान छूते, बीत रही जिंदगी सारी।   दिनभर की दौड़ धूप से,…