तेरा इक दिवाना हूँ

तेरा इक दिवाना हूँ तेरा इक दिवाना हूँ क़ाफ़िर नहीं हूँअसल में जो मैं हूँ वो जाहिर नहीं हूँ जुबाँ हूँ अदा-ए-फिजा हूँ फ़ना हूँयक़ीनन मैं जो हूँ क्यों आखिर नहीं हूँ जहाँ तक तिरा साथ मुझको चलूँगायुँ कुछ वक्त का मैं मुसाफ़िर नहीं हूँ लिखूँगा मैं लिखता नया ही रहूँगाथकूँ राह में ऐसा शाइर … Continue reading तेरा इक दिवाना हूँ