ठंड का कहर | Thand par Kavita

ठंड का कहर ( Thand ka kahar )    देखो  ठंड  ढा  रही  है  कहर  सर्दी  की। चीर  रही  तन  को  शीत-लहर  सर्दी  की।।   कभी   ऐसा  बेरहम  मौसम  नहीं  देखा। मार  डालेगी  ये  शामो-सहर  सर्दी की।।   ठंड से  बेहाल है  शहर, कस्बे, गांव  सब। बर्फ-बारी  पहाङो  पर  है  गदर  सर्दी  की।।   कोहरे  … Continue reading ठंड का कहर | Thand par Kavita